कल और आज

कल तक मैं गुमनाम थी ,
आज मैं मशहूर हूं।।
 कल तक में बेखौफ थी,
 आज  मैं मजबूर हूं ।
कल तक मैं बावरी थी,
 आज मैं साबरी हूं ।
कल तक मैं छोटी थी,
 आज मैं जवान हूं।
 कल तक मैं खुश थी,
आज मैं खुशनसीब हूं।
 कल तक मैं प्यार में थी,
 आज मैं प्रेम हूं।
 कल तक मैं बेजुबान थी,
 आज मैं जांबाज हूं।
 कल तक मैं उड़ती थी,
 आज मैं स्वतंत्र हूं।
 कल तक बंदिशें थी मुझ पर,
 आज बेड़ियां तोड़ती हूं।
 कल तक मैं रोशनी थी,
 आज मैं दीप प्रज्वलित करती हूं।
 कल तक मैं नासमझ थी,
 आज मैं समझदार हूं।
 कल तक में सीधी थी,
 आज मैं सादगी में हूं। 
 कल तक आकांक्षाएं थी,
 आज मैं क्षमा वार हूं।
 कल तक हर बात जुबां पर थी,
 और आज मैं जवाबदार हूं।
 कल तक मैं किरण थी,
आज मैं प्रकाश हूं। 
कल तक मैं जिम्मेदारी थी,
 आज मैं जिम्मेवार हूं।
 कल तक मैं पास थी,
 आज मैं सिर्फ एहसास हूं।
 कल तक मैं जवाब थी ,
आज खुद जुबान हूं।
 कल तक में एक ईंट  थी,
आज मंदिर की शान हूं।

       
                                  ✍️ ✍️पूनम✍️✍️

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