रचना






तुम बहुत खास हो।
मुझे तुमसे उम्मीद है,
कि तुम बेहतर से
बेहतरीन बनने में कोई,
कसर नहीं छोड़ोगे।
ठोकरे बहुत कुछ सिखाती हैं।
जीने का तजुर्बा दे जाती हैं।
तुम तुम्हारे जीवन की,
वह किताब हो जिसके पन्ने,
कोरे हैं। बस तुम ही उस पर,
रचना लिख सकते हो।
कोई और नहीं।
           - ✍️पूनम ✍️✍️


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